हुथीसिंग जैन मंदिर, अहमदाबाद - जैन भक्ति की संगमरमर की उत्कृष्ट कृति

हुथीसिंग जैन मंदिर
अहमदाबाद
अहमदाबाद के हलचल भरे शहर में स्थित, हुथीसिंग जैन मंदिर भक्ति, कलात्मकता और स्थापत्य कला की प्रतिभा का एक अद्भुत प्रतीक है। इसका निर्माण 1848 ईस्वी में हुआ था। धनी व्यापारी सेठ हुथीसिंग द्वारा 10 लाख रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित इस मंदिर को 15वें जैन तीर्थंकर श्री धर्मनाथ को समर्पित किया गया था। यह मंदिर केवल एक पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि जैन शिल्प कौशल की भव्यता का एक कालातीत प्रमाण है।
स्थापत्य कला की भव्यता:
सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर जटिल नक्काशी, सूक्ष्म जालीदार काम और भव्य गुंबदों का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्य गर्भगृह के चारों ओर 52 छोटे-छोटे मंदिर (देवकुलिका) हैं, जो मारु-गुर्जर वास्तुकला का सार प्रस्तुत करते हैं—सौंदर्य और आध्यात्मिकता का एक उत्तम मिश्रण।
इसकी सबसे खास विशेषताओं में से एक मनस्तंभ है। चित्तौड़गढ़ के कीर्ति स्तंभ से प्रेरित यह स्तंभ मंदिर के सामने जैन मूल्यों और शिक्षाओं के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है।
फोटोग्राफरों के लिए आनंददायक अनुभव:
चाहे आप इतिहास के शौकीन हों, कला प्रेमी हों या फिर एक सामान्य यात्री हों, अलंकृत नक्काशी, विस्तृत रूपांकन और शांत आंगन आपके कैमरे के लेंस के लिए एकदम सही फ्रेम प्रदान करते हैं।
यात्रा संबंधी सुझाव:
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मंदिर के अंदर जूते-चप्पल पहनना मना है।
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मौन बनाए रखें और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें।
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घूमने का सबसे अच्छा समय: सुबह या शाम का शुरुआती समय।
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प्रवेश निःशुल्क है, लेकिन दान का स्वागत है।
आपको हुथीसिंग जैन मंदिर क्यों अवश्य देखना चाहिए?
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यह जैन वास्तुकला की एक उत्कृष्ट कृति है, जो सफेद संगमरमर से बनी है और जटिल नक्काशी से सुशोभित है।
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शहर की भागदौड़ से दूर एक शांतिपूर्ण स्थान, जो आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति से भरपूर है।
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विरासत प्रेमियों, फोटोग्राफरों, वास्तुकला के शौकीनों और इतिहास के खोजकर्ताओं के लिए बिल्कुल उपयुक्त।
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यह समृद्ध जैन संस्कृति और दर्शन को प्रतिबिंबित करता है।
आस-पास के आकर्षण
हुथीसिंग जैन मंदिर की यात्रा के दौरान, आसपास के इन स्थानों को भी अवश्य देखें:
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सिदी सैय्यद मस्जिद - अपनी जटिल नक्काशीदार पत्थर की खिड़कियों (जाली का काम) के लिए प्रसिद्ध है।
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साबरमती नदी तट – सैर, नौका विहार और सूर्यास्त के नज़ारों के लिए एक खूबसूरत जगह।
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साबरमती आश्रम (गांधी आश्रम) – एक ऐतिहासिक स्थान जहाँ महात्मा गांधी रहते थे
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तीन दरवाजा – पुराने शहर का एक ऐतिहासिक प्रवेश द्वार
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मानेक चौक - एक चहल-पहल भरा बाजार जो रात में खाने-पीने की चीजों की गली में बदल जाता है।
वहाँ कैसे आऊँगा
1. सड़क मार्ग से : अहमदाबाद के किसी भी हिस्से से ऑटो-रिक्शा, टैक्सी या निजी कार द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
2. बस द्वारा : अहमदाबाद नगर निगम बसों (एएमटीएस) और बीआरटीएस के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
3. ट्रेन द्वारा : अहमदाबाद रेलवे स्टेशन मंदिर से लगभग 3 किमी दूर है।
4. हवाई मार्ग से : निकटतम हवाई अड्डा सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग 8 किमी दूर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. हुथीसिंग जैन मंदिर का प्रवेश शुल्क कितना है?
सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क है।
2. क्या गैर-जैन लोग इस मंदिर में दर्शन कर सकते हैं?
जी हां, सभी धर्मों और संस्कृतियों के आगंतुकों का स्वागत है। सम्मानजनक व्यवहार की सराहना की जाती है।
3. क्या मंदिर में व्हीलचेयर से प्रवेश संभव है?
प्रवेश द्वार पर कुछ सीढ़ियाँ हैं, इसलिए पहुँच सीमित है। सहायता की आवश्यकता हो सकती है।


















